टाटा को संभालने वाली नई पीढ़ी में कौन-कौन? नोएल के इन तीन बच्चों के बारे में जान लीजिए
Updated on
22-05-2024 02:04 PM
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप (Tata Group) ने नई पीढ़ी के हाथ में कमान सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है। टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा के भाई सौतेले भाई नोएल टाटा के तीन बच्चों को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। 150 अरब डॉलर के टाटा ग्रुप को कंट्रोल करने वाले टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) ने नोएल टाटा के तीन बच्चों को अपनी पांच परोपकारी संस्थाओं के बोर्ड में नियुक्त किया है। लिआ (39), माया (36) और नेविल (32) को पांच ट्रस्टों का ट्रस्टी बनाया गया है। ये ट्रस्ट सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट से संबद्ध हैं। इन पांचों ट्रस्टों के पास टाटा संस में हिस्सेदारी है जो टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है। नोएल टाटा ग्रुप की कंपनियों ट्रेंट और वोल्टास के चेयरमैन और टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टी हैं।यह पहला मौका है जब टाटा परिवार के छह सदस्य ट्रस्टों से सक्रिय रूप से जुड़े हैं। रतन टाटा के छोटे भाई जिमी टाटा सर रतन टाटा ट्रस्ट, बाई हीराबाई जे एन टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन और सार्वजनिक सेवा ट्रस्ट के बोर्ड में हैं। नोएल सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट, सर रतन टाटा ट्रस्ट, जे एन टाटा एंडोमेंट और बाई हीराबाई जे एन टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन से जुड़े हैं। सूत्रों का कहना है कि नई पीढ़ी को छोटे ट्रस्टों में शामिल करने से उन्हें आगे बड़ी जिम्मेदारी के लिए तैयार किया जा सकेगा। ये नियुक्तियां 132 साल पुराने ट्रस्ट में बदलाव का भी प्रतीक हैं। टाटा ग्रुप में आमतौर पर अनुभवी लोगों ही ट्रस्टीशिप संभालते रहे हैं। लिआ, माया और नेविल टाटा ग्रुप की विभिन्न ऑपरेटिंग कंपनियों में मैनेजेरियल पोस्ट पर हैं और ट्रस्टीशिप संभालने के बाद भी अपने पद पर बने रहेंगे।