नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बड़े कारोबारी भी हैं। उनका कारोबार रियल एस्टेट से लेकर क्रिप्टो करेंसी तक में फैला है। कभी क्रिप्टो करेंसी का विरोध करने वाले ट्रंप अब इसके बड़े समर्थक हो गए हैं। स्थिति यह है कि ट्रंप की क्रिप्टो कंपनियां खूब पैसा छाप रही हैं। ट्रंप की दो कंपनियों ने कुछ ही हफ्तों में 1.3 अरब डॉलर (करीब 11,440 करोड़ रुपये) की कमाई कर ली है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, अब ट्रंप की कुल संपत्ति 7.7 अरब डॉलर है।बेटे संभाल रहे क्रिप्टो का कारोबार
ट्रंप की दोनों क्रिप्टो कंपनियों का नाम वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल ( World Liberty Financial ) और अमेरिकन बिटकॉइन कॉर्प ( American Bitcoin Corp ) हैं। ट्रंप के सबसे बड़े बेटे (डोनाल्ड जूनियर और एरिक) ट्रंप ऑर्गनाइजेशन में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट हैं। वे अब परिवार के क्रिप्टो पोर्टफोलियो को संभाल रहे हैं। वर्ल्ड लिबर्टी को ट्रंप के सबसे छोटे बेटे बैरन ने भी शुरू किया था। दोनों कंपनियां एक साल से भी कम पुरानी है।परिवार की कितनी हुई संपत्ति?
ट्रंप की क्रिप्टो कंपनी ने 1 सितंबर से अपना टोकन बेचना शुरू किया। इसने Alt5 सिग्मा नाम की एक पब्लिक कंपनी के साथ टोकन जमा करने का समझौता किया। इससे परिवार की संपत्ति में लगभग 670 मिलियन डॉलर और जुड़ गए। ब्लूमबर्ग के वेल्थ इंडेक्स में क्रिप्टो एसेट्स को परिवार की संपत्ति में गिना गया है। इसमें लगभग 4 अरब डॉलर के लॉक्ड टोकन शामिल नहीं हैं।एरिक ट्रंप की अमेरिकन बिटकॉइन में हिस्सेदारी है। इसे वर्चुअल एसेट्स माइनिंग के लिए मार्च में शुरू किया गया था। 3 सितंबर को जब इसकी ट्रेडिंग शुरू हुई, तो इसकी कीमत 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा थी।
ट्रंप टावर हुई 'ध्वस्त'
ट्रंप की क्रिप्टो कंपनियों से कमाई उनके गोल्फ और रिसॉर्ट जैसे पुराने प्रॉपर्टी से भी ज्यादा है। ट्रंप की 'ट्रंप टावर' नाम से भारत समेत कई देशों में रेजिडेंशियल इमारते हैं। भारत में गुड़गांव, पुणे आदि शहरों में ट्रंप टावर हैं जहां काफी लोग रहते हैं। इनमें ट्रंप की कंपनियों की भी कुछ हिस्सेदारी होती है। लेकिन ट्रंप का अब रियल एस्टेट कारोबार बहुत अच्छा नहीं चल रहा है। ट्रंप टावर और मार-ए-लागो जैसी प्रॉपर्टी अब तेजी से पैसा कमाने का जरिया नहीं रहीं।