रूसी तेल का खेल
यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने रूस से तेल और गैस की खरीद काफी कम कर दी थी। इसके बाद रूस ने भारत और चीन को डिस्काउंट पर तेल बेचना शुरू किया था। इसके बाद रूस भारत का सबसे बड़ा क्रूड सप्लायर बन गया। हालांकि अब रूसी डिस्काउंट में कमी आई है। इस बीच अमेरिका ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर पाबंदी लगा दी है। इसके बाद भारतीय कंपनियों ने मिडिल ईस्ट और दूसरे देशों से तेल की खरीद बढ़ा दी है।भारत और रूस के बीच तेल कारोबार करीब 69 अरब डॉलर का है। भारत के तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी करीब 34% है। हालांकि जानकारों का कहना है कि अमेरिका ने रूस की तेल कंपनियों पर पाबंदी लगाई है, न कि रूसी तेल पर। यानी भारतीय कंपनियां रूस की उन कंपनियों से तेल खरीद सकती हैं जिन पर पाबंदी नहीं लगाई गई है।



