डेट MF के लिए कैपिटल गेन टैक्स में मिल सकती है छूट, जानिए क्या होगा फायदा
Updated on
11-06-2024 02:34 PM
नई दिल्ली: केंद्र सरकार भारत बॉन्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) को थोड़ी राहत देने के लिए डेट (DEBT) म्यूचुअल फंड के लिए कैपिटल गेन टैक्स के नियमों में थोड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है। पिछले हफ्ते वित्त मंत्रालय में हुई एक बैठक में यह मुद्दा सामने आया। इसकी वजह ये है कि सरकार चालू वित्त वर्ष में भारत ETF का एक नया हिस्सा जारी करने की योजना बना रही है। इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी का कहना है कि मामले को लेकर अभी मंथन चल रहा है। सरकार जब बजट को अंतिम रूप देगी तो इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि 1 अप्रैल, 2023 से भारत ETF पर किसी भी अन्य डेट म्यूचुअल फंड की तरह स्लैब रेट पर टैक्स लगाया जाता है। यह निवेशकों के लिए निराशाजनक फैक्टर हो सकता है। वित्त विधेयक 2023 में डेट म्यूचुअल फंड के लिए टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया।2023 से पहले, डेट फंडों पर जो टैक्स लगता था वह होल्डिंग पीरियड से तय होता था। ऐसे मामले में जहां 36 महीने से अधिक की होल्डिंग पीरियड होती थी, कैपिटल गेन टैक्स पर छूट मिलती थी। 36 महीने से कम की होल्डिंग पीरियड के लिए शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाया जाता था। इनकम टैक्स संशोधनों के अनुसार 1 अप्रैल 2023 से निवेश के लिए डेट म्यूचुअल फंड्स पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के कैलकुलेशन पर इंडेक्सेशन के तहत टैक्स बेनेफिट का लाभ मिलना बंद हो गया। इस तारीख के बाद से सभी तरह के डेट म्यूचुअल फंड में निवेश शॉर्ट टर्म कैटिगरी में गिना जाता है।