नई दिल्ली: क्वांट म्यूचुअल फंड (Quant Mutual Fund) की संदिग्ध फ्रंट-रनिंग के लिए सेबी की जांच की खबर आने के बाद निवेशकों के मन में यह बात तैरने लगी है कि क्या उनका पैसा फंड में सुरक्षित है। फ्रंट-रनिंग एक अवैध प्रैक्टिस है। इसमें फंड मैनेजर, मैनेजमेंट या अन्य कर्मचारी अनुमानित प्राइस मूवमेंट से प्रॉफिट कमाने के लिए फंड की बड़ी ट्रेड्स को एग्जिक्यूट करने से पहले अपने खुद के ऑर्डर देते हैं और पर्सनल प्रॉफिट बनाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार संदीप टंडन के मालिकाना हक वाले क्वांट म्यूचुअल फंड के खिलाफ मार्केट रेगुलेटर सेबी ने फ्रंट-रनिंग के संदेह में कार्रवाई की है। SEBI ने कंपनी के मुंबई मुख्यालय और हैदराबाद ऑफिसों में तलाशी, जब्ती अभियान चलाया। जांच में इसके डीलरों और सहयोगियों से पूछताछ की गई है। इस बीच फंड हाउस ने कहा है कि वह रेगुलेटर को पूरा सहयोग करने को प्रतिबद्ध है। क्वांट ने निवेशकों से कहा कि हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं कि किसी भी समीक्षा के दौरान रेगुलेटर के साथ सहयोग करने के लिए हमेशा पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
क्या कह रहे एक्सपर्ट
Tradejini के सीओओ त्रिवेश डी कहते हैं, ‘निवेशकों को इस बात को अच्छी से समझना चाहिए कि फ्रंट रनिंग का संदेह फंड हाउस पर नहीं, किसी एक इंडिविजुअल पर है। उसे जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कंपनी से बाहर कर दिया जाएगा। अक्सर यह होता है कि अगर कोई कर्मचारी या मैनेजमेंट फ्रंट-रनिंग करता है तो वह फंड लगातार नीचे जाता है, लेकिन क्वांट के मामले में प्रदर्शन लगातार अच्छा है। ऐसे में निवेशकों को पैनिक सेलिंग, रीडिम, ट्रांसफर या स्विच करने की कोई जरूरत नहीं है। क्वांट एनालिसिस पर चल रहे इस फंड का स्मॉल कैप स्कीम में 15% निवेश RIL, जियो, एचडीएफसी में है।
क्या पड़ेगा असर
ट्रांसेंड कैपिटल में डायरेक्टर कार्तिक झावेरी का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब सेबी द्वारा किसी फंड मैनेजर की फ्रंट-रनिंग के लिए जांच की गई है। इसलिए, निवेशकों को अनावश्यक रूप से चिंतित नहीं होना चाहिए। उनके निवेश सुरक्षित हैं। म्यूचुअल फंड ने अपने पोर्टफोलियो को स्टॉक के साथ डायवर्सिफाई बना दिया है। इसलिए इस जांच से क्वांट के प्रदर्शन पर असर पड़ने की आशंका नहीं है।