रतन टाटा ने बचा ली 115 कर्मचारियों की नौकरी, यूं हीं नहीं उठती भारत रत्न देने की मांग
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02-07-2024 02:24 PM
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप (Tata Group) के चेयरमैन एमिरेटस रतन टाटा (Ratan Tata) ने एक बार फिर दरियादिली की मिसाल पेश की है। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सांइसेज (TISS) ने मुंबई, तुलजापुर, हैदराबाद और गुवाहाटी में 115 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी। इनमें 55 फैकल्टी मेंबर्स और 60 नॉन टीचिंग स्टाफ शामिल था। 28 जून को उन्हें नोटिस थमाकर बताया गया कि 30 जून, 2024 के बाद उनका कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया जाएगा। लेकिन रतन टाटा की अगुवाई वाले टाटा एजुकेशन ट्रस्ट (TET) ने इंस्टीट्यूट को ग्रांट बढ़ाने का भरोसा दिया है। इसके बाद संस्थान ने कर्मचारियों का टर्मिनेशन वापस ले लिया है। यह पहला मौका नहीं है जब रतन टाटा ने कर्मचारियों के प्रति दरियादिली दिखाई है।