IPO में लंबे समय तक निवेश नहीं करते लोग, एक हफ्ते में बेच देते हैं 54% शेयर, SEBI की स्टडी में खुलासा

Updated on 03-09-2024 10:41 AM
नई दिल्ली: IPO में निवेश करने वाले निवेशक (एंकर यानी बड़े निवेशकों को छोड़कर) लिस्टिंग में मिले अपने 54% शेयर (वैल्यू टर्म में) एक हफ्ते के भीतर ही बेच देते हैं। वहीं लिस्टिंग के एक साल के भीतर ही यह संख्या 70% तक पहुंच जाती है। मार्केट रेगुलेटर SEBI के एक अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। सेबी की स्टडी के मुताबिक जिन शेयरों की वैल्यू बढ़ी उन्हें निवेशकों ने पहले बेच दिया और जिनकी वैल्यू कम हुई उन्हें होल्ड किया। SEBI ने अप्रैल 2021 से दिसंबर 2023 के बीच यह स्टडी की। इसमें मार्केट रेगुलेटर ने 144 मेनबोर्ड IPO पर निवेशकों के बिहेवियर पर अध्ययन किया। सेबी ने IPO में रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और काफी संख्या में बोलियों को देखते हुए यह अध्ययन किया है।
  1. क्या कहती है सेबी की स्टडी?
    सेबी के अध्ययन के मुताबिक व्यक्तिगत निवेशकों ने लिस्ट होने के एक हफ्ते के भीतर उन्हें मिले 50.2% शेयर (वैल्यू टर्म में) बेच दिए। वहीं नॉन-इंस्टिट्शूनल निवेशकों (NII) ने 63.3% शेयर और खुदरा निवेशकों ने 42.7 % शेयर बेचे। दिलचस्प बात यह है कि व्यक्तिगत निवेशकों ने एक साल के भीतर मूल्य के हिसाब से 70% शेयर बेच दिए।
  2. म्यूचुअल फंड की क्या है रणनीति?
    म्यूचुअल फंड IPO शेयरों में लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं, जबकि बैंक तेजी से इन्हें बेचते हैं। म्यूचुअल फंड ने एक हफ्ते के भीतर लगभग 3.3 % बेचा, जबकि बैंकों ने 79.8 % बेचा।
  3. रिटर्न का क्या होता है असर?
    स्टडी के मुताबिक रिटर्न का बेचने पर असर दिखाई दिया। जब IPO पर रिटर्न एक सप्ताह के भीतर 20% से अधिक रहा, रिटेल निवेशकों ने मूल्य के हिसाब से 67.6% शेयर बेचे। इसके विपरीत, जब रिटर्न निगेटिव था, तब निवेशकों ने मूल्य के हिसाब से केवल 23.3 % शेयर बेचे।
  4. क्या कहती है डीमैट अकाउंट की बढ़ती भागीदारी?
    IPO भागीदारी में बढ़ोतरी को डीमैट अकाउंट की बढ़ी हुई संख्या के आधार पर देखा जा सकता है। स्टडी के मुताबिक, अप्रैल 2021 और दिसंबर 2023 के बीच IPO के लिए आवेदन करने वाले लगभग आधे डीमैट खाते कोविड के बाद की अवधि 2021-2023 के दौरान खोले गए थे।
  5. किस राज्य की ज्यादा भागीदारी?
    राज्यों की बात करें तो गुजरात के रिटेल निवेशकों को आवंटन का 39.3% प्राप्त हुआ। इसके बाद महाराष्ट्र (13.5 %) और राजस्थान (10.5 %) का स्थान रहा। बता दें कि यह स्टडी अप्रैल 2021 से दिसंबर 2023 के बीच की गई। इसमें 144 मेनबोर्ड आईपीओ पर निवेशकों के व्यवहार की स्टडी की गई।

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