नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में आज भारी गिरावट दिख रही है। शुरुआती शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 550 अंक की गिरावट आई है जबकि निफ्टी 25,000 अंक के करीब पहुंच गया। आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। अमेरिका में कमजोर मैन्यूफैक्चरिंग आंकड़ों से एक बार फिर मंदी की आशंका बढ़ गई है। इससे ग्लोबल मार्केट्स में भारी बिकवाली दिख रही है। इसका असर भारतीय बाजार में भी दिख रहा है। निफ्टी आईटी, पीएसयू बैंक और मेटल में एक फीसदी गिरावट आई है। एनएसई पर ओएनजीसी, विप्रो और एलटीआईएम में दो फीसदी गिरावट आई है। इस गिरावट से निवेशकों को 3.1 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 3.1 लाख करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 462.4 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
जीआईसी के शेयरों में 5 फीसदी गिरावट दिख रही है। सरकार इस कंपनी में अपनी कुछ हिस्सेदारी ओएफएस के जरिए बेच रही है। इस बीच KIMS का शेयर 2,655 रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है। स्टॉक स्प्लिट के लिए एक्स-डेट की घोषणा होने के बाद कंपनी के शेयरों में तेजी आई है। सेंसेक्स की गिरावट में सबसे बड़ी भूमिका इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, टीसीएस, भारती एयरटेल और एसबीआई की रही। जेएसडब्ल्यू स्टील और टाटा स्टील में 1.5 फीसदी की गिरावट रही।
क्यों आई गिरावट
अमेरिका में मंगलवार को आए मैन्यूफैक्चरिंग के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में इसमें गिरावट रही। इससे एक बार फिर अमेरिका में मंदी की आशंका बढ़ गई है। इससे अमेरिका के शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई। खासकर टेक शेयरों में भारी गिरावट रही। इससे आज दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी बिकवाली दिख रही है। निवेशकों को 17-18 सितंबर को होने वाली यूएस फेड रिजर्व की बैठक का भी इंतजार है। इसमें ब्याज दरों में कटौती का फैसला लिया जा सकता है।