नई दिल्ली: देश को विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है। इसमें गिरावट आई है। विदेशी मुद्रा भंडार 14 जून को समाप्त सप्ताह में 2.92 अरब डॉलर घटकर 652.89 अरब डॉलर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पूर्व के सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 4.30 अरब डॉलर के उछाल के साथ 655.82 अरब डॉलर के नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 14 जून को समाप्त सप्ताह में मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 2.09 अरब डॉलर घटकर 574.24 अरब डॉलर रही।
स्वर्ण भंडार भी गिरा
डॉलर के संदर्भ में उल्लेखित विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का प्रभाव शामिल होता है। रिजर्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान स्वर्ण आरक्षित भंडार का मूल्य 1.01 अरब डॉलर घटकर 55.97 अरब डॉलर रहा।
विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 5.4 करोड़ डॉलर घटकर 18.11 अरब डॉलर रहा। रिजर्व बैंक ने कहा कि आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के पास भारत की आरक्षित जमा 24.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.58 अरब डॉलर हो गई।
रुपये में मजबूती आई
घरेलू करेंसी को संभालने या डॉलर के मुकाबले करेंसी में आ रही गिरावट को थामने के लिए जब भी आरबीआई करेंसी को थामने के लिए दखल देता है तब विदेशी मुद्रा भंडार में बदलाव देखने को मिलता है। शुक्रवार को करेंसी मार्केट में डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती देखने को मिली है।आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते दिनों कहा था कि भारत अपने रिजर्व को और बढ़ाता रहेगा जिससे भविष्य में किसी प्रकार के उतार-चढ़ाव के दौरान इसका इस्तेमाल किया जा सके।