नई दिल्ली: सरकार गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से इसकी घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार दिवाली पर जीएसटी में बड़ा रिफॉर्म लेकर आ रही है। इससे रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स कम हो जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में जीएसटी काउंसिल की मीटिंग 18-19 सितंबर के आसपास हो सकती है। हालांकि अभी तारीख तय नहीं हुई है।राज्यों के वित्त मंत्रियों का एक समूह (GoM) इस योजना पर विचार करेगा। उसके बाद तारीख तय होगी। जीओएम की मीटिंग गुरुवार को होने वाली है। माना जा रहा है कि कांग्रेस टैक्स कम करने के विचार के खिलाफ नहीं है। लेकिन वह इसका क्रेडिट लेना चाहती है। जीएसटी में 12% और 28% के टैक्स स्लैब को हटाने की बात हो रही है। उम्मीद है कि इससे ग्राहकों पर टैक्स का बोझ कम होगा।कांग्रेस का रुख
कांग्रेस के बड़े नेताओं और कांग्रेस-शासित राज्यों के वित्त मंत्रियों की कई बार इस पर अलग-अलग राय होती है। सरकार के सूत्रों का कहना है कि कई बार वित्त मंत्रियों ने राज्यों और केंद्र सरकार के लिए राजस्व नुकसान की बात कही है। उन्होंने टैक्स कटौती का विरोध किया है। लेकिन राहुल गांधी का रुख अलग रहा है। सरकार का कहना है कि राहुल गांधी को अपनी पार्टी के लोगों से इस बारे में बात करनी चाहिएकई सूत्रों ने यह भी बताया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से टैक्स सुधार को रोकने की कोशिश करती रही है जबकि UPA सरकार के 10 साल के कार्यकाल के दौरान वह खुद इसे आगे नहीं बढ़ा पाई थी। कांग्रेस ने 2017 में संसद में जीएसटी लॉन्च के कार्यक्रम का बहिष्कार किया था। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने कई बार इसे "गब्बर सिंह टैक्स" बता चुका हैं।