छोटे शहरों में भी पूरे हो रहे बड़े सपने, होमटाउन में काम का बढ़ा चलन
Updated on
24-05-2024 01:36 PM
नई दिल्ली: जब भी Emaar इंडिया किसी छोटे शहर में नया प्रोजेक्ट शुरू करता है, तो कंपनी की मुख्य एचआर अधिकारी माधुरी मेहता के लिंक्डइन अकाउंट पर कई लोगों के मेसेज आने लगते हैं। ये ऐसे प्रोफेशनल होते हैं, जो अपने होमटाउन में नौकरी की तलाश कर रहे होते हैं। मेहता का कहना है कि ये लोग बहुत टैलेंटेड लोग हैं। इनमें कई ऐसे प्रोफेशनल हैं जो अपने घरों की ओर वापस लौटना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी के इंदौर, जयपुर, मोहाली और लखनऊ जैसे शहरों में कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। यहां कंपनी भारी संख्या में नौकरी दे रही है। इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक भर्ती करने वालों का कहना है कि छोटे शहरों (टियर 2 और 3) में सभी तरह के कामों के मौके बढ़ रहे हैं। लोग इनमें काम करने के लिए उत्सुक हैं। बड़े शहरों में रहने की बढ़ती लागत और सुविधाओं की कमी के कारण लोग छोटे शहरों में जाने को तैयार हैं। दूसरी तरफ कंपनियों को इन छोटे शहरों में सस्ती जमीन, कम सैलरी और आसानी से कर्मचारी मिल जाते हैं। इससे कंपनियों को भी मुनाफा होता है।