महंगी बिजली से परेशान हो? सस्ती बिजली बनाने में सोलर सेक्टर ने मारी बाजी, क्या कहते हैं सरकार के आंकड़े
Updated on
16-07-2025 01:35 PM
नई दिल्ली: भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में जबरदस्त उछाल आया है। जून 2025 में पिछले साल के मुकाबले 420% ज्यादा क्षमता बढ़ी है। पिछले साल यह आंकड़ा 1.4 गीगावॉट (GW) था, जो इस साल बढ़कर 7.3 GW हो गया है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दी। वे मुंबई में IVCA रिन्यूएबल एनर्जी समिट में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि आज के समय सोलर एनर्जी की कीमत थर्मल एनर्जी के मुकाबले काफी कम है।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत ने सोलर एनर्जी क्षमता में भी कमाल का विकास किया है। यह 4000% बढ़ा है। साल 2025 तक यह 2.82 GW से बढ़कर 117 GW हो गया है। पवन ऊर्जा क्षमता भी इसी दौरान 21 GW से बढ़कर 51.7 GW हो गई है। यानी इसमें 140% की बढ़ोतरी हुई है।कितनी सस्ती हुई सोलर एनर्जी?
सौर ऊर्जा की दरें 80% तक कम हुई हैं। वित्त वर्ष 2010-11 में यह 10.95 रुपये प्रति यूनिट थी, जो अब 2.15 रुपये प्रति यूनिट है। जोशी जी ने कहा, नतीजतन, बैटरी स्टोरेज के साथ सौर ऊर्जा भी अब थर्मल से कम खर्चीली है। थर्मल बिजली वह है जो हमारे घरों में तारों के जरिए आ रही है। यह सोलर के मुकाबले काफी महंगी है।