पाकिस्तान के बॉर्डर पर आमने-सामने हुए अंबानी और अडानी! 'ग्रीन गोल्डमाइन' में कौन मारेगा बाजी

Updated on 24-09-2025 03:25 PM
नई दिल्ली: एनर्जी सेक्टर में कारोबार को लेकर मुकेश अंबानी और गौतम अडानी एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लग गए हैं। देश के इन दो बड़े कारोबारियों के बीच अब कारोबार का कम्पटीशन पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक पहुंच गया है। दरअसल, गुजरात के कच्छ के रण में पाकिस्तान बॉर्डर के पास अंबानी और अडानी के बीच एक बड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है। यह प्रतिस्पर्धा नए ऊर्जा कारोबार में दबदबा बनाने के लिए है। यह कारोबार कई बिलियन डॉलर का है।

अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने 5.5 लाख एकड़ जमीन हासिल की है। यह जमीन इतनी बड़ी है कि इसमें तीन सिंगापुर समा सकते हैं। वहीं, अडानी ग्रुप की अक्षय ऊर्जा कंपनियों के पास 4.6 लाख एकड़ जमीन है। यह जमीन रिलायंस की जमीन से सटी हुई है। दोनों ही कंपनियां इस बंजर जमीन को 'ग्रीन गोल्डमाइन' में बदल रही हैं। उद्योग के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि इससे भारत की ऊर्जा व्यवस्था बदल सकती है।

रिलायंस का 75000 करोड़ रुपये का निवेश

इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज नई ऊर्जा में 75,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। यह निवेश सोलर PV मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी सेल और इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन में किया जा रहा है। अडानी भी इसी तरह एकीकृत सोलर PV मैन्युफैक्चरिंग, पवन टर्बाइन, इलेक्ट्रोलाइजर और अक्षय ऊर्जा उत्पादन में निवेश कर रहे हैं।
शेयर बाजार के जानकार इस प्रतिस्पर्धा पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। बर्नस्टीन के निखिल निगानिया का कहना है कि रिलायंस मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर और हाइड्रोजन जैसे नए क्षेत्रों में आगे रहेगी। वहीं, अडानी अक्षय ऊर्जा की बिक्री, थर्मल और ट्रांसमिशन में आगे रह सकते हैं। जेफरीज के क्रिस वुड ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर बेचकर अडानी के शेयर खरीदे हैं।

रिलायंस की होगी मोटी कमाई

बर्नस्टीन का अनुमान है कि अगर रिलायंस की योजना सफल होती है, तो 3 मिलियन टन हाइड्रोजन से 7-8 बिलियन डॉलर का EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई) हो सकता है। इसके अलावा, 55 GW सोलर+BESS (बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली) से 5-6 बिलियन डॉलर का EBITDA हो सकता है। हालांकि, इसके लिए बहुत अधिक निवेश की आवश्यकता होगी।

अंबानी-अडानी में कौन मजबूत?

दोनों कंपनियों के पास लगभग बराबर जमीन है। बर्नस्टीन का कहना है कि इनके बाद जिस कंपनी के पास सबसे ज्यादा जमीन है, उसके पास इन दोनों कंपनियों के मुकाबले 1/10 जमीन ही है। ट्रांसमिशन कनेक्टिविटी के मामले में अडानी ग्रुप आगे है। वहीं, रिलायंस को कम ब्याज दरों पर कर्ज मिलता है।

मैन्युफैक्चरिंग में अडानी ग्रुप अभी आगे है, लेकिन रिलायंस इंडस्ट्रीज की योजनाएं बड़ी हैं। ब्रोकरेज कंपनी बर्नस्टीन रिलायंस की इस क्षमता को देखने के लिए उत्सुक है। अक्षय ऊर्जा उत्पादन और बिक्री में अडानी आगे है। उनके पास मजबूत कनेक्टिविटी और आकर्षक PPAs (बिजली खरीद समझौते) हैं। बर्नस्टीन का कहना है कि अडानी अक्षय ऊर्जा की बिक्री से ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। रिलायंस को ग्रिड से बिजली निकालने में चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

यहां रिलायंस इंडस्ट्रीज आगे

ग्रीन हाइड्रोजन और डेटा सेंटर दोनों कंपनियों के लिए अनिश्चित हैं। यह ग्रीन हाइड्रोजन की लागत कम होने और सरकार की अनुकूल नीतियों पर निर्भर करता है। हालांकि, रिलायंस अपनी रिफाइनरी में इसका इस्तेमाल कर सकती है। इसलिए वह आगे है क्योंकि वह पहले से ही भारत में ग्रे हाइड्रोजन का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है। डेटा सेंटर के मामले में, रिलायंस की गूगल, मेटा और टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझेदारी उसे फायदा पहुंचाती है।

वहीं थर्मल पावर और ट्रांसमिशन में अडानी काफी समय से मौजूद है। कंपनी ने डाउन-साइकिल के दौरान संकटग्रस्त थर्मल संपत्तियां खरीदीं और दोनों उपकरण आपूर्तिकर्ताओं (BHEL और L&T) को बुक किया।

किसके पास क्या प्लान?

रिलायंस गुजरात में 10 GW की एकीकृत पॉलीसिलिकॉन-टू-मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित कर रही है। इसे 20 GW तक बढ़ाया जाएगा। यह HJT तकनीक पर ध्यान केंद्रित करेगा। भविष्य में पेरोव्साइट टेंडम सेल का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे दक्षता 30% से ज्यादा हो सकती है। कंपनी ने साल 2026 में उत्पादन शुरू करने के साथ 40 GWh बैटरी गीगाफैक्ट्री क्षमता की घोषणा की है। इससे वह भारत में ऊर्जा भंडारण पर ध्यान केंद्रित करने वाली पहली कंपनी बन जाएगी।

वहीं, जेफरीज का कहना है कि अडानी ग्रीन खावड़ा में अपनी 50 GW की योजना में से 30 GW अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित कर रही है। इसकी निकासी योजना परियोजना कमीशनिंग समयसीमा से मेल खाती है। इस जगह पर लद्दाख के बाद भारत में सबसे अच्छी सौर विकिरण का स्तर है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 14 March 2026
मुंबई: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Currency Reserve) में बड़ी गिरावट हुई है। बीते सप्ताह अपना फॉरेन करेंसी एसेट या एफसीए (FCA) भंडार तो घटा ही है। साथ ही…
 14 March 2026
नई दिल्ली: भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को कहा कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली अगले कुछ महीनों में क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़े समझौते को अंतिम रूप देने…
 14 March 2026
नई दिल्ली: ईरान-इजरायल युद्ध (Iran-Israel War) की तपिश इस समय सिर्फ पश्चिम एशिया के देश ही नहीं, बल्कि भारत समेत पूरी दुनिया इससे परेशान है। भारत में देखिए तो हर…
 14 March 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में भारी तेजी आई है। हाल में यह 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था और अब भी 100…
 14 March 2026
नई दिल्ली: सीबीआई ने 228 करोड़ रुपये के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया धोखाधड़ी मामले में उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी से पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।…
 14 March 2026
नई दिल्ली: प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक ने 2016 में नोटबंदी के दौरान दिल्ली की एक कंपनी की 3.2 करोड़ रुपये की नकदी जमा करने से इन्कार कर दिया था। बैंक…
 13 March 2026
नई दिल्‍ली: पश्चिम एशिया में टेंशन के बीच होर्मुज स्‍ट्रेट का नाम हर किसी की जुबान पर है। यह ईरान के दक्षिण में पतला पानी का रास्‍ता है। फारस की खाड़ी…
 13 March 2026
नई दिल्‍ली: महेश चूरी पालघर (महाराष्‍ट्र) के गांव बोर्डी के रहने वाले हैं। उन्‍होंने इस गांव में ही बिजनेस का जबरदस्‍त मॉडल खड़ा करके दिखाया है। वह 'चीकू पार्लर' के…
 13 March 2026
नई दिल्‍ली: स्थानीय शेयर बाजारों में बीते गुरुवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट आई थी। पश्चिम एशिया में संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में तेजी आने से ऐसा हुआ…
Advt.