पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी गई हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की आज (18 अगस्त) हिसार कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में फिर जेल भेज दिया।
ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा- 25 अगस्त को ज्योति की कोर्ट में फिजिकल पेशी होगी, जिसमें उसे चार्जशीट की कॉपी सौंपी जाएगी।
हिसार पुलिस ने 14 अगस्त को कोर्ट में ज्योति के केस की 2500 पन्नों की चार्जशीट सौंपी थी। जिसमें पुलिस ने जांच के आधार पर जासूसी के सबूत होने के दावे किए हैं।
जांच से जुड़े पुलिस सूत्रों से कई अहम खबरें सामने आई हैं। हालांकि चार्जशीट की कॉपी अभी किसी को नहीं मिली है, इस वजह से औपचारिक तौर पर पुलिस के दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
यह भी दावा किया गया है कि ज्योति लगातार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के अधिकारियों और एजेंटों के संपर्क में थी। ज्योति ने भारत में संवेदनशील जगहों के न केवल वीडियो बनाए बल्कि उनको पाकिस्तानी एजेंटों को शेयर भी किया।
ज्योति ने कश्मीर में डैम के वीडियो शूट किए थे। यह डैम भारत के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। हालांकि ज्योति ने कौन से डैम के वीडियो बनाए, अभी इसके बारे में कुछ नहीं बताया है।
पुलिस ने दावा किया है कि ज्योति के वीडियो से पाकिस्तानी एजेंट्स ने कश्मीर में बन रहे डैम की लोकेशन हासिल की थी। ज्योति कश्मीर में ज्यादा से ज्यादा जगहों पर ट्रैवल करती थी। पुलिस का दावा है कि यह टूर वह ISI एजेंटों के कहने पर करती थी।
पुलिस सोर्सेज से चार्जशीट को लेकर ये अहम खुलासे हुए...
- ज्योति ने गिरफ्तारी से पहले ही कुछ डेटा डिलीट किया
- चार्जशीट को लेकर जांच का हिस्सा रहे एक अधिकारी ने बताया कि ज्योति काफी शातिर है और वह सवालों के सीधे जवाब नहीं देती। यहां तक कि गिरफ्तारी का उसे पहले ही आभास हो गया था, इसलिए उसने कुछ डेटा डिलीट कर दिया था।
- गिरफ्तारी की सूचना मिली थी, भागने से पहले पकड़ी गई
- गिरफ्तार होने की सूचना उसको पाकिस्तानी एजेंटों ने ही पहुंचाई। लेकिन, ज्योति के भागने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया। ज्योति ने जो डेटा डिलीट किया उसमें से कुछ रिकवर कर लिया गया है, लेकिन कुछ रिकवर होना बाकी है। ज्योति ने डिलीट डेटा के बारे में पूछताछ में कुछ नहीं बताया।
- राजस्थान में आर्मी कैंप के वीडियो भी पहुंचाए
- ज्योति ने न केवल कश्मीर डैम के वीडियो बनाए बल्कि राजस्थान के बॉर्डर एरिया में जाकर सैन्य शिविरों के भी वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए। वह लगातार पाकिस्तानी एजेंटों से बातचीत करती थी।
- इंडियन ट्रैवल एडवाइजरी का उल्लंघन किया
- पुलिस का दावा है कि ज्योति को पाकिस्तान यात्रा से पहले ही ट्रैवल एडवाइजरी बता दी गई थी। इसके बावजूद ज्योति ने उसका उल्लंघन किया। पाकिस्तानी एजेंटों से नंबर शेयर किए। उनसे मीटिंग भी की।
- 4 पाकिस्तानी एजेंटों से लगातार टच में थी ज्योति
- पुलिस का दावा है कि ज्योति के मोबाइल फोन से पाकिस्तान उच्चायोग के अफसर एहसान-उर-रहीम दानिश अली के साथ व्यापक बातचीत का पता चला है। इसके अलावा आईएसआई के गुर्गे शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों के साथ नियमित संपर्क का भी पता चला है।
- चार्जशीट में पहलगाम हमले से पहले विजिट का जिक्र
- पुलिस सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में ज्योति के पहलगाम हमले से पहले पाकिस्तान यात्रा और वहां उसके द्वारा बनाए गए वीडियो का भी जिक्र है। सूत्रों ने बताया कि एसआईटी अभी भी जांच जारी रखे हुए है और उम्मीद है कि जांच पूरी होने पर पूरक आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
- फॉलोअर बढ़ाकर ज्योति की मदद करते थे पाकिस्तानी एजेंट
- पुलिस का दावा है कि पाकिस्तान में आईएसआई के एजेंटों ने ज्योति के खातों में रकम जमा नहीं करवाई बल्कि वह ज्योति की मदद के लिए उसके चैनल "ट्रैवल विद जो" को प्रमोट करवाते थे। उसे टूर स्पॉन्सर करवाने में मदद करवाते थे। इसी से ज्योति की कमाई होती थी। पाकिस्तान में ज्यादा से ज्यादा ज्योति के वीडियो लाइक, सब्सक्राइब और शेयर करवाए जाते थे। ज्योति के विदेशी टूर स्पॉन्सर कैसे हुए, अभी एसआईटी इसको लेकर जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि यह टूर पाकिस्तान की ओर से स्पॉन्सर करवाए गए थे। बदले में वह ज्योति से भारत में जासूसी करवाते थे।