
एक साल पहले 6 करोड़ रुपए में बनकर तैयार निशातपुरा रेलवे स्टेशन से ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। इस स्टेशन पर इंदौर तरफ आवागमन करने वाली ट्रेनों का स्टापेज दिया जाना है, लेकिन निशातपुरा पर स्टापेज के बाद मेन स्टेशन पर ट्रेन रोकी जाए या नहीं, इसको लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
दरअसल, रेलवे ने निशातपुरा रेलवे स्टेशन के निर्माण की अनुमति ही इस आधार पर दी थी कि इंदौर तरफ आवागमन करने वाली ट्रेनों को भोपाल स्टेशन तक लाने के बजाय निशातपुरा से आगे बढ़ाया जाएगा। वर्तमान स्थिति में इन ट्रेनों को भोपाल स्टेशन आने के बाद इंदौर की तरफ जाने के लिए इंजन की दिशा बदलना पड़ती है। यदि निशातपुरा स्टेशन बनने के बाद भी यह ट्रेनें भोपाल आईं तो यही स्थिति रहेगी।
शहर के विस्तार के चलते निर्माण- भोपाल के विस्तार को देखते हुए अन्य महानगरों की तरह अलग-अलग दिशा की ट्रेनों के लिए अलग-अलग स्टेशन जरूरी हैं। निशातपुरा स्टेशन इसी विस्तार योजना के तहत बनाया गया है।
नहीं बदलनी पड़ेगी इंजन की दिशा: मालवा, ओवरनाइट एक्सप्रेस जैसी 4 से ज्यादा ऐसी ट्रेनें हैं, जिनके स्टॉपेज भोपाल स्टेशन पर हैं। यदि इन ट्रेनों के हाल्ट भोपाल में खत्म कर इन्हें निशातपुरा तक सीमित किया जाता है, तो इनके इंजन की दिशा नहीं बदलना पड़ेगी और उन्हें सीधे इंदौर-उज्जैन-रतलाम तरफ रवाना करना आसान हो जाएगा। इन ट्रेनों के भोपाल आवागमन के समय आधे-आधे घंटे से ज्यादा का समय इंजन की दिशा बदलने में लगता है, वह बचेगा।
डीआरएम ने देखे निशातपुरा स्टेशन में सेफ्टी स्टेंडर्ड
डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ने सोमवार को निशातपुरा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निशातपुरा स्टेशन यार्ड के निरीक्षण के दौरान सेफ्टी संबंधी स्टेंडर्ड मुख्य रूप से देखे। साथ ही सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए रेलवे ट्रैक, पॉइंट और क्रासिंग, सिग्नलिंग सिस्टम आदि की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने निशातपुरा डी केबिन से यार्ड तक ट्रैक का निरीक्षण किया।
इन ट्रेनों के हाल्ट का नोटिफाइड
निशातपुरा स्टेशन पर ट्रेनों का संचालन शुरू करने के लिए स्थानीय स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। ट्रेनों के स्टापेज व संचालन का निर्णय मुख्यालय से होता है। रेल मंत्रालय से आदेश मिलते ही स्टेशन शुरू कर दिया जाएगा।
-सौरभ कटारिया,सीनियर डीसीएम