
भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज सुभाषनगर से करोंद के बीच के काम की शुरुआत भी हो गई है। सुभाषनगर से करोंद के बीच 8.77Km में जिन जगहों पर पिलर खड़े होंगे, वहां मिट्टी की टेस्टिंग की जा रही है। बोगदा पुल चौराहा, करोंद में टेस्ट हो चुके हैं। ड्रॉइंग पर भी काम हो रहा है।
सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन से ऑरेंज लाइन का दूसरा फेज है। ये सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन से करोंद में ICAR (भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान) के सामने तक है। इस फेज के रूट में दो तरह से काम होगा। 8.77 किलोमीटर में से 3.39 Km लंबा रूट अंडरग्राउंड रहेगा, जबकि 5.38Km हिस्सा जमीन के ऊपर रहेगा। दोनों के ही टेंडर हो चुके हैं और मिट्टी की टेस्टिंग की जा रही है।
जमीन के 15 मीटर तक मिट्टी की टेस्टिंग
पिलर के लिए जमीन के 15 मीटर तक मिट्टी की टेस्टिंग की जा रही है। वहीं, आने वाले दिनों में पाइल लोड टेस्टिंग भी होगी। इसमें पिलर वाले स्थान पर ढाई गुना तक भार रखकर टेस्ट किए जाएंगे।
मेट्रो की ऑरेंज लाइन, CM कर चुके भूमिपूजन
भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन यानी एम्स से करोंद तक का रूट कुल 14.99 Km लंबा है। इसमें सुभाष नगर से एम्स के बीच 6.22 Km का प्रायोरिटी कॉरिडोर है। 8 में से 5 स्टेशनों के बीच अक्टूबर 2023 में ट्रायल रन हुआ था। रानी कमलापति, सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी के सामने और एमपी नगर के स्टेशनों का काम 90% से ज्यादा पूरा हो चुका है। बाकी तीन स्टेशन- डीआरएम चौराहा, एम्स और अलकापुरी स्टेशनों का भी 50% तक काम हो चुका है।
एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस स्टेशनों का सिविल वर्क पूरा हो चुका है, जबकि अब फिनिशिंग से जुड़े काम निपटाए जा रहे हैं।
दूसरे फेज के 2 प्रोजेक्ट...
प्रोजेक्ट-1: 650 करोड़ रुपए में 6 स्टेशन बनेंगे
सुभाष नगर डिपो से करोंद तक के रूट में कुल 2 फेज में काम होगा। कुल 8.77 Km में से 5.38 Km हिस्से में 6 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे। इसमें 650 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यूआरसी कंस्ट्रक्शन यह काम करेगी। यही कंपनी सुभाष नगर, डीबी मॉल, एमपी नगर, केंद्रीय स्कूल, आरकेएमपी, अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस और एम्स स्टेशनों का काम भी कर रही है। मिट्टी की टेस्टिंग इसी कंपनी के जिम्मे है।
कब पूरा करना है
साढ़े 3 साल में काम पूरा करने का टारगेट रहेगा। इसी अवधि में स्टेशन और ट्रैक बिछाया जाएगा।
प्रोजेक्ट-2: 890 करोड़ रुपए में अंडरग्राउंड रूट बनेगा
8.77 Km के रूट में 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड होगा। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह काम अलग कंपनी करेगी। इसके लिए बड़ी मशीन आएगी, जो जमीन के अंदर ही बड़ी सुरंग कर देगी।
कब पूरा करना है
काम शुरू होने के बाद साढ़े 3 साल में पूरा करने का टारगेट रहेगा। मेट्रो की दोनों लाइन का यह अकेला अंडरग्राउंड हिस्सा रहेगा।
यहां से अंडरग्राउंड गुजरेगी मेट्रो
सुरंगें सिंधी कॉलोनी, ऐशबाग क्रॉसिंग से होती हुई भोपाल स्टेशन और नादरा बस स्टैंड को स्टेशनों के माध्यम से जोड़ेगी।
भोपाल में अब तक 5 मेट्रो आई
गुजरात के सांवली (बड़ोदरा) से भोपाल में कुल 5 मेट्रो आ चुकी है। इनका 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल भी हो चुका है। हर दिन मेट्रो को ट्रैक पर दौड़ाया जा रहा है।