पाकिस्‍तान तानाशाह किम जोंग उन के उत्‍तर कोरिया में खोलने जा रहा दूतावास, भारत के लिए बढ़ सकता है परमाणु खतरा, समझें

Updated on 05-11-2025 01:42 PM
इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान की सरकार परमाणु हथियारों से लैस उत्‍तर कोरिया में अपना दूतावास खोलने पर व‍िचार कर रही है। पाकिस्‍तान यह कदम ऐसे समय पर उठा रहा है जब अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस्‍लामाबाद परमाणु बम का परीक्षण कर रहा है। अब पाकिस्‍तान की सरकार के तानाशाह किम जोंग उन के देश में दूतावास खोलने के प्‍लान से भारत समेत दुनिया की परमाणु टेंशन बढ़ सकती है। इससे एशिया में एक बार फिर से परमाणु तकनीक का प्रसार हो सकता है। भारत लगातार जोरशोर से उत्‍तर कोरिया और पाकिस्‍तान के बीच संदिग्‍ध परमाणु और मिसाइल रिश्‍ते पर सवाल उठाता रहा है और दुनिया से कार्रवाई की मांग करता रहा है। भारत चाहता है कि इस महाव‍िनाशक तकनीक का दुनिया में प्रसार न हो।

द ट्रिब्‍यून की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने पुष्टि की है कि उत्‍तर कोरिया से औपचारिक अनुरोध प्राप्‍त हुआ है कि दूतावास को फिर से खोला जाए। उत्‍तर कोरिया ने कोरोना के समय पाकिस्‍तान में अपने दूतावास को बंद कर दिया था। यह प्रस्‍ताव अभी विचाराधीन था लेकिन अब उत्‍तर कोरिया से औपचारिक अनुरोध मिल गया है। उत्‍तर कोरिया ने यह मंजूरी ऐसे समय पर दी है जब एशिया में परमाणु प्रसार के खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई है। पाकिस्‍तान उन देशों में कथित रूप से शामिल है जो रूस, चीन और उत्‍तर कोरिया के साथ भूमिगत परमाणु परीक्षण कर रहा है।

भारत ने पाकिस्‍तान और उत्‍तर कोरिया की दोस्‍ती पर उठाया सवाल


पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री ने संसद में एक सवाल के जवाब में कहा कि उत्‍तर कोरिया पर कई तरह के प्रतिबंध होने की वजह से उसके साथ सार्थक सहयोग नहीं हो पा रहा था। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्‍ते केवल महत्‍वपूर्ण मौकों पर बधाई देने तक सीमित नहीं रह गए थे। इशाक डार ने कहा, 'पाकिस्‍तान और उत्‍तर कोरिया के बीच व्‍यापार तो न के बराबर हो गए थे।' उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान आगे भी कोरिया के शांतिपूर्ण तरीके और बिना विदेशी हस्‍तक्षेप के एकीकरण का सपोर्ट करता रहेगा।भारत ने लगातार पाकिस्‍तान और उत्‍तर कोरिया के बीच परमाणु दोस्‍ती पर सवाल उठाया है। साल 2017 में भारत ने उत्‍तर कोरिया के प्रसार नेटवर्क की जांच करने की औपचारिक मांग की थी। भारत ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद से कहा था कि इसकी बहुत जरूरत है कि उत्‍तर कोरिया के हमारे इलाके में परमाणु और मिसाइल प्रसार की जांच की जाए। भारत ने कहा था कि इस तरह की गत‍िव‍िधियां भारतीय सुरक्षा और शांति पर गंभीर प्रभाव डालती हैं। अगर पाकिस्‍तान का उत्‍तर कोरिया में दूतावास खुलता है तो दुनिया के राजनयिक रूप से सबसे अलग थलग देश में उसकी वापसी हो जाएगी। बता दें कि उत्‍तर कोरिया में भारत का दूतावास पहले से ही मौजूद है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध बना हुआ है। माना जाता है कि उत्‍तर कोरिया ने ही पाकिस्‍तान को मिसाइल की तकनीक दी थी और पाकिस्‍तान ने क‍िम जोंग उन को परमाणु तकनीक।

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