
लोकसभा चुनाव के परिणामों के पहले आए एग्जिट पोल्स में तीसरी बार मोदी सरकार बनती दिख रही है। मप्र में भी 2019 जैसे परिणाम संभावित हैं। यानि 29 लोकसभाओं में से 28 पर बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना एग्जिट पोल में दिखी है। एग्जिट पोल्स को लेकर ओबीसी फ्रंट के चीफ और यादव महासभा के राष्ट्रीय महासचिव दामोदर सिंह यादव ने सरकार और चुनाव आयोग को धमकी दी है। भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दामोदर सिंह यादव ने कहा- अगर एग्जिट पोल जैसा चुनाव परिणाम आया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे। दामोदर यादव ने कहा ज़िला मुख्यालयों पर चुनाव आयोग के पुतले दहन और धरना प्रदर्शन भी करेंगे आन्दोलन की शुरुआत 5 जून को भोपाल और दतिया से की जायेगी।
चुनाव आयोग भाजपा की एक शाखा की तरह काम करता है
दामोदर यादव ने कहा- 10 सालों में आम चुनाव के परिणामों से ठीक 2-3 दिन पहले सभी सर्वे एजेंसियों बड़े मीडिया हाउस से मिलकर जान-बूझकर एग्जिट पोल के ऐसे आंकड़े प्रस्तुत करती हैं। जिससे सत्ताधारी भाजपा के लिये आम मतदाता भी मानसिक रूप से तैयार हो सके और फिर चुनाव आयोग का असली खेल शुरू होता है। आयोग भाजपा की एक शाखा की तरह काम करता है और जनता में कितनी भी भाजपा विरोधी लहर हो लेकिन सरकार उसी की बनाता है और कॉंग्रेस सहित सभी विपक्षी दल भी हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहते हैं। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी जनादेश को लूटने की कोशिश हुई या फिर नकली जनादेश प्रस्तुत किया गया तो हम पूरे प्रदेश में आंदोलन कर चुनाव आयोग के सभी जिला मुख्यालयों पर पुतला दहन एवं धरना प्रदर्शन करेंगे और किसी भी सूरत में नकली जनादेश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस से टिकट नहीं मिला तो सेंवढ़ा से विधानसभा चुनाव लडे़ और 30 हजार वोट पाए
दामोदर यादव ने कहा कि मैंने 2023 का विधानसभा चुनाव दतिया जिले की सेंवढ़ा सीट से कांग्रेस को ठोकर मारकर लड़ा। और बिना पार्टी के 30 हज़ार वोट हासिल किए। और सिर्फ 12 हज़ार वोट से भाजपा से चुनाव हारा जबकि कांग्रेस के अनेकों बड़े नेता 35-40 हज़ार वोटों से चुनाव पार्टी के टिकट के बावजूद हारे और वही नेता अब कांग्रेस में बड़े पदों पर बैठे हैं। मेरी ज़िम्मेदारी लोकतंत्र और संविधान को बचाने की भी हैं और 30 हजार मतदाताओं के प्रति मेरी जवाबदेही भी है।
दामोदर यादव ने कहा मैं कांग्रेस की तरह तमाशबीन बनकर नहीं बैठ सकता। कल सभी न्यूज़ चैनलों पर आये एग्जिट पोल्स में मध्यप्रदेश में भाजपा को 28-29 सीटें मिलती दिखाई गई हैं जबकि मुझे पुख्ता जानकारी है कि 6 सीटों पर भाजपा की हार तय है और 4-5 सीटों पर कड़ी टक्कर होने जा रही है। जिस प्रकार 2019 के लोकसभा चुनाव में एग्जिट पोल सही सबित हुये थे उसी प्रकार 2023 में भी सही होने की आशंका के चलते मैंने संविधान एवं लोकतंत्र बचाओ अभियान की शुरुआत कर दी है जिसके अंतर्गत ओबीसी फ्रंट मध्यप्रदेश के तत्वावधान में 5 जून 2024 से आंदोलनों की श्रृंखला संपूर्ण प्रदेश में चलाई जाएगी जिसकी शुरुआत भोपाल में चुनाव आयोग का पुतला दहन करके और दतिया में चुनाव आयोग के साथ-साथ प्रधानमंत्री, केंद्रीय ग्रह मंत्री के पुतले दहन की भी योजना बनाई गई है।
कांग्रेस को कहा निठल्ली
दामोदर यादव ने कहा- इस बार का चुनाव मोदी v/s जनता के बीच था जिसका लाभ निठल्ली कांग्रेस को मिलने जा रहा है। और वह बैठे बिठाए प्रदेश की 10 सीटों पर टक्कर करके 6-7 सीट जीतने जा रही है। अगर चुनाव आयोग मोदी सरकार से सांठगांठ करके असली जनादेश को बदलकर नकली जनादेश प्रस्तुत करती है तो हम दतिया भोपाल के पश्चात उन सीटों पर पहले आंदोलन चलायेंगे जिन पर भाजपा की हार और संयोग से कांग्रेस की जीत स्पष्ट दिखाई दे रही है। जिनमें मुरैना, भिंड, ग्वालियर, राजगढ़, मण्डला, छिन्दवाड़ा, रतलाम, सतना, सीधी और खरगोन मुख्य रूप से शामिल है।