भोपाल। राजधानी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अरुण सिंह ने धोखाधड़ी के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपित जितेन्द्र ममतानी को पांच वर्ष के सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी नीतू जैन ने पैरवी की।यह है मामला
वर्ष 2020 में फरियादी ने थाना एमपी में शिकायत की थी। उसमें बताया था कि उसका परिचय वर्ष 2011 में जितेन्द्र ममतानी से हुआ था। जितेन्द्र ने बताया था कि उसने आइकान डेवलवपिंग प्राइवेट लिमिटेड कोलार रोड गेहूंखेडा में दो बीएचके का एक फ्लैट बुक किया है। उस फ्लैट को 17 लाख पचास हजार रुपये में खरीदने के लिए उसने वर्ष 2011 में जितेन्द्र ममतानी व डीएचएफएल बैंक के मध्य ट्रायपार्टी का अनुबंध कर लिया था।
बुक किये गये फ्लैट के लिए फरियादी ने दो बार में तीन लाख पचास हजार रुपये जितेन्द्र को नगद दिए, जिसकी रसीद भी दी गई ।शेष राशि बैंक से फायनेंस की गई। उसके बाद जितेन्द्र द्वारा फ्लैट उसके सुपुर्द किया जाना था। लेकिन जितेंद्र ने बैंक द्वारा फायनेंस की गई राशि 13 लाख 40 हजार रुपये भी प्राप्त कर लिए और फ्लैट उसे नहीं दिया। बाद में पता चला कि उसी फ्लैट को जितेंद्र ने किसी और को बेच दिया है। शिकायत की जांच के बाद जितेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था।