पाठ्यक्रम देर से तैयार हुआ
यूजी चतुर्थ वर्ष की प्रक्रिया शुरू से धीमी गति से हुई। विभाग में पाठ्यक्रम तैयार करने का काम जून तक चलता रहा। इसके बाद इसे अपलोड किया गया। अब हिंदी ग्रंथ अकादमी के माध्यम से किताबों के लिए लेखन कार्य चल रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस साल फरवरी-मार्च से ही सिलेबस बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। विभाग को चतुर्थ वर्ष के लिए 80 से ज्यादा विषयों का पाठ्यक्रम तैयार करना था। लेकिन, कई विषयों का काम अब भी अधूरा है।
बिना किताबों के कैसे पढ़ेंगे विद्यार्थी
बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. संजय जैन ने कहा कि अब तक किताबें नहीं मिली हैं। कक्षाएं लगेंगी तो प्रोफेसर्स अपने अनुभव के आधार पर पढ़ाएंगे। इसमें विद्यार्थियों को समस्या होगी। किताबों के लेखन के बाद अशुद्धि दूर करने के लिए दोबारा जांच होती है। इसके बाद प्रकाशन में भी समय लगता है। किताबें मिलने में करीब दो माह का समय लगेगा।