वंदे भारत की रफ्तार पर मवेशी लगा रहे ब्रेक, बार-बार टकराने की घटनाओं से रेलवे और यात्री परेशान

Updated on 08-12-2025 11:58 AM

 भोपाल। हाई-स्पीड ट्रेनों, खासकर वंदे भारत, ने देश में रेल यात्रा की रफ्तार जरूर बढ़ाई है, लेकिन ट्रैक सुरक्षा की कमजोरियां अभी भी रेलवे के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। ग्रामीण इलाकों में मवेशियों के अचानक ट्रैक पर आ जाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

इससे वंदे भारत ट्रेन का न सिर्फ इंजन डैमेज और देरी जैसी समस्याएं खड़ी होती हैं, बल्कि पूरी रूट की कई ट्रेनें प्रभावित हो जाती हैं। यात्री महंगा किराया चुकाकर सफर तो करते हैं, लेकिन समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते। दूसरी ओर, रेलवे को भी हर वर्ष करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

हल्की टक्कर में भी इंजन को पहुंचता है नुकसान

पिछले कुछ वर्षों में मवेशी-टक्कर की सैकड़ों घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए अभी स्थायी सुरक्षा समाधान पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है। वंदे भारत जैसी तेज ट्रेनों के लिए ये घटनाएं और भी गंभीर हैं, क्योंकि हल्की सी टक्कर भी इनके इंजन और फ्रंट हिस्से को नुकसान पहुंचा देती हैं। 2022-23 में 538, 2024-25 में 101 और 2025 में अब तक 12 मवेशी-टक्कर की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

रेलवे ने चिह्नित किए संवेदनशील स्पाट

रेलवे ने ऐसे सभी संवेदनशील स्पाट चिह्नित कर लिए हैं, जहां इन घटनाओं की संख्या अधिक थी। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक के दोनों ओर सुरक्षा बाउंड्री बनाने का काम तेज़ी से चल रहा है। कोटा सेक्शन में यह काम पूरा हो चुका है, जबकि भोपाल और जबलपुर क्षेत्रों में कार्य जारी है। उम्मीद है कि बाउंड्री वाल तैयार होने के बाद हाई-स्पीड ट्रेनों के सामने अचानक मवेशी आने की घटनाएं काफी कम हो जाएंगी।

एक घंटे का समय होता है बर्बाद

मवेशी से टक्कर होने के बाद ट्रेन की देरी नुकसान की गंभीरता पर निर्भर करती है। मामूली डैमेज होने पर तकनीकी टीम 10–15 मिनट में समस्या ठीक कर देती है। लेकिन यदि इंजन का फ्रंट हिस्सा टूट जाए, तो इंजन बदलने में 45 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय लग जाता है। इसका असर सिर्फ एक ट्रेन पर नहीं बल्कि पूरे रूट की ट्रेनों पर पड़ता है।

रेलवे की अपील

रेलवे ने ग्रामीणों और किसानों से भी अपील की है कि वे अपने मवेशियों को ट्रैक के आसपास न छोड़ें और चराई के लिए सुरक्षित स्थानों का ही उपयोग करें। गेटमैन और ट्रैकमैन को निर्देश दिए गए हैं कि यदि असामान्य गतिविधि दिखे तो तुरंत रिपोर्ट करें, ताकि घटना को समय रहते रोका जा सके।

वंदे भारत की रफ्तार

वंदे भारत 2.0 में उन्नत तकनीक है और यह 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार केवल 52 सेकंड में पकड़ लेती है। इसकी अधिकतम गति 180 किमी/घंटा है। ऐसे में ट्रैक सुरक्षा रेलवे के लिए प्राथमिकता बनना जरूरी है, ताकि हाई-स्पीड ट्रेनें बिना बाधा सुरक्षित और समय पर अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 March 2026
एक्ट्रेस सेलिना जेटली की अपने भाई विक्रांत जेटली से मिलने की आखिरी उम्मीद भी टूट गई। हाल ही में सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि विक्रांत ने अपनी…
 19 March 2026
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता प्रेम चोपड़ा पिछले साल नवंबर महीने में अस्वस्थ थे। जिस कारण उनको अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। हालांकि इलाज के बाद वह घर लौट…
 19 March 2026
'बिग बॉस ओटीटी 3' की कंटेस्टेंट और डिजिल कंटेंट क्रिएटर पायल मलिक तीसरी बार प्रेग्नेंट हैं। वह चौथे बच्चे की मां बनने वाली हैं। उन्होंने अगस्त, 2025 में अपनी प्रेग्नेंसी…
 19 March 2026
सलमान खान की अगली फिल्म 'मातृभूमि' का नया गाना 'चांद देख लेना' रिलीज हो चुका है। 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' का ये गाना रोमांटिक होने के साथ-साथ ईद…
 19 March 2026
इन्हें 'भागम भाग' की 'अंजलि सिंह' कह लीजिए '36 चाइन टाउन' की आयशा, बॉलीवुड की इस एक्ट्रेस ने हिन्दी फिल्मों में भले बढ़-चढ़कर काम न किया हो लेकिन इंडस्ट्री में…
 19 March 2026
टीवी की मशहूर और बेहद खूबसूरत एक्‍ट्रेस दिव्‍यांका त्र‍िपाठी मां बनने वाली हैं। दो दिन पहले हमने यह खबर बताई थी कि 'ये है मोहब्बतें' फेम 41 साल की एक्ट्रेस…
 19 March 2026
आदित्य धर की स्‍पाई एक्‍शन सीक्‍वल फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' अब जब सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, तो लगे हाथ उस सवाल का जवाब भी मिल गया है,…
 19 March 2026
साल 2025 में आयोजित महाकुंभ से अगर आपने ममता कुलकर्णी को साध्वी वाले अवतार में और आध्यात्म की बातें करते हुए देखा और सुना है तो अब ब्रेक ले लीजिए।…
 19 March 2026
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 2025-26 के सालाना कॉन्ट्रैक्ट में एक बड़ा बदलाव करते हुए सबसे ऊंचे 'A+' ग्रेड को पूरी तरह खत्म कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक,…
Advt.