बैरसिया तहसील के शेरपुरा निवासी आरिफ अली ने बताया कि वह किसान है और उनके पिता के नाम पर शस्त्र लाइसेंस था। उनके पिता का निधन कोरोना में हो गया था। इसके बाद उन्होंने फौती नामांतरण के लिए आवेदन किया था। वह अब तक बार-बार आवेदन दे चुके हैं लेकिन तीन वर्ष छह माह बाद भी उनका प्रकरण लंबित है। जबकि पूर्व कलेक्टर द्वारा आदेश तक दे दिया गया था। इसी तरह हुजूर तहसील के ग्राम नीलबड़ निवासी राधाबाई ने बताया कि उन्होंने जमीन के सीमांकन के लिए आवेदन किया था। इसके बाद हुजूर तहसीलदार द्वारा आदेश तक दे दिए गए हैं, लेकिन दो वर्ष बाद भी सीमांकन नहीं किया गया है। जबकि उन्होंने 10 हजार रुपये भी स्टेशन मशीन के जमा कर दिए थे।
थाना पुलिस नहीं कर रही बिल्डर पर कार्रवाई
जेपी नगर निवासी कमला स्वर्णकार ने शिकायती आवेदन देते हुए बताया कि उन्होंने भविष्य ग्रुप द्वारा फन सिटी विदिशा रोड के बिल्डर विनोद कुशवाह से एक आवासीय प्लाट कुल एक लाख रुपये देकर बुक किया था। रुपये लेने के 12 वर्ष बाद भी प्लाट नहीं दिया गया है और न ही रुपये वापस किए गए हैं। कलेक्टर जनसुनवाई से बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी सूखीसेवनिया थाना द्वारा बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। एडीएम अंकुर मेश्राम ने बताया कि सभी प्रकरणों को गंभीरता से सुना गया है। कुछ मौके पर ही निराकृत किए गए हैं, जबकि अन्य संबंधित विभाग को भेजकर निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।