
बीएड प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में 10 हजार छात्र-छात्राएं बैठे थे। परीक्षा होने के दो महीने बाद विश्वविद्यालय ने रिजल्ट निकाला है। लगभग छह हजार छात्र-छात्राओं को एटीकेटी आई है। सिर्फ चार हजार विद्यार्थी पास हुए हैं। रिजल्ट आने के बाद कॉलेजों ने भी विश्वविद्यालय पर निशाना साधा है।
अशासकीय शिक्षा महाविद्यालय संचालक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि मूल्यांकन ठीक से नहीं किया जाता है। विषय विशेषज्ञों से कापियां नहीं जांचवाई जाती है। परीक्षा नियंत्रक डाॅ. अशेष तिवारी का कहना है कि हर बार की तरह ही रिजल्ट आया है। 40-42 प्रतिशत विद्यार्थी ही पास होते हैं।