
भाजपा के कंट्रोल रूम प्रभारी सबनानी,उप्पल और द्विवेदी संभालेंगे कमान
लोकसभा चुनाव परिणाम को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में उत्सुकता का माहौल है। भाजपा को जहां प्रदेश की सभी 29 सीटें जीतने का भरोसा है, वहीं कांग्रेस को उम्मीद है कि वह प्रदेश की कम से 5 से 6 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। दोनों ही पार्टियों ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में मतगणना की निगरानी और समीक्षा के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।
भाजपा:जितनी सीटें जीतेंगे, उतने किलो लड्डू बांटेंगे
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा प्रत्याशी होने के कारण अपने लोस क्षेत्र के मतगणना केंद्र पर मौजूद रहेंगे। प्रदेश कार्यालय में सीएम डॉ. मोहन यादव मौजूद रहेंगे। चुनाव कंट्रोल रूम प्रभारी विधायक भगवानदास सबनानी, लीगल सेल से एसएस उप्पल और मनोज द्विवेदी पार्टी कार्यालय में मौजूद रहकर समन्वय का काम देखेंगे। प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल के मुताबिक भाजपा देश में जितनी सीटें जितेगी उतने किलो लड्डू प्रदेश कार्यालय में बांटे जाएंगे।
कांग्रेस: 3 हेल्पलाइन नंबर जारी किए
पूर्व सीएम कमलनाथ सुबह 10:30 बजे से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कॉन्फ्रेंस हॉल में ही चुनाव परिणाम देखेंगे। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव, सांसद विवेक तन्खा, सांसद अशोक सिंह, संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष राजीव सिंह समेत पीसीसी के इलेक्शन टास्क फोर्स कमेटी की सदस्य भी मतगणना की निगरानी करेंगे। पीसीसी के सेंट्रल वार रूम ने 3 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिनसे मतगणना स्थल के पार्टी कार्यकर्ता संपर्क में रहेंगे।
पटवारी बोले-एजेंट की तरह काम करने वाले अफसरों को सबक सिखाएंगे
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीसीसी कार्यालय में प्रेस को संबोधित करते हुए सोमवार को कहा कि जिन अधिकारियों ने सत्ताधारियों को खुश करने के लिए निर्वाचन धर्म न निभाते हुए भाजपा के प्रति अपना धर्म निभाया है, उन सभी की एक लिस्ट तैयार कर ली है, कांग्रेस पार्टी उन्हें विपक्ष में रहते हुए भी सबक सिखाएगी। पटवारी ने चुनाव परिणाम को लेकर दावा किया कि कांग्रेस दहाई के अंकों में लोकसभा सीटें जीतेगी। 18 घंटे के भीतर एक्जिट पोल्स की पोल खुल जाएगी।
सीएम यादव ने कहा- कांग्रेसी अपने व्यवहार से अराजकता पैदा कर रहे
एक्जिट पोल पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा जिस दिन चुनाव हुआ था, हम उसी दिन से कह रहे थे कि भाजपा को पूर्ण बहुमत मिल रहा है। लेकिन विपक्षी मानने को तैयार नहीं थे। यह लोग न 2014 में मान रहे थे और न 2019 में मान रहे थे और न आज मान रहे हैं। ये जिस ढंग से व्यवहार कर रहे हैं अराजकता उत्पन्न कर रहे हैं। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कभी दुनिया में किसी ने प्रश्न खड़ा नहीं किया है। यह संकीर्ण भावना से ग्रसित है।