भोपाल। ट्रेन की चपेट में आने के बाद बुधनी से रेस्क्यू करके भोपाल स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान लाए गए दो मादा बाघ शावकों में से एक की इलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई है। मामलू हो कि गत 16 जुलाई को मिड घाट रेलवे लाइन से दोनों को लाया गया था। दोनों शावकों में से एक बाघ शावक पहले ही दिन से भोजन नहीं ले रहा था। वन विहार के चिकित्सकों ने उसे बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन मंगलवार सुबह उसकी सांसों की डोर टूट गई।ज्ञात हो कि उक्त दोनों बाघ शावकों का वन्य प्राणी चिकित्सक एवं अन्य चिकित्सक दल द्वारा 17 जुलाई को स्वास्थ्य परीक्षण एवं एक्स-रे किया गया था। इसके साथ वन विहार के वन्य प्राणी चिकित्सक द्वारा विषय विशेषज्ञों से परामर्श कर सतत उपचार किया जा रहा था।दूसरे बाघ शावक की स्थिति में भी सुधार नहीं
वहीं दूसरे घायल बाघ शावक की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है, हालांकि वह अल्प मात्रा में भोजन ले रहा है। उसको सतत निगरानी में रख कर उपचार किया जा रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि उसका भी पिछला हिस्सा काम नहीं कर रहा है।
किया अंतिम संस्कार
वहीं मृत बाघ शावक का पोस्टमार्टम डा. अतुल गुप्ता वन्य प्राणी चिकित्सक, डा. रजत कुलकर्णी और डा. प्रशांत देशमुख द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। पोस्टमार्टम के बाद मृत बाघ शावक का वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य उपस्थित अधिकारी-कर्मचारी के समक्ष नियमानुसार दाह संस्कार किया गया।
गौरतलब है कि 15 जुलाई को बुधनी के मिडघाट रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक नर शावक की मौत हो गई थी। वहीं, दो मादा शावक घायल हो गए थे। इन्हें अगले दिन विशेष ट्रेन से रेस्क्यू कर भोपाल के वन विहार में लाया गया था।