
जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट में सोमवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बैठक लेते हुए सभी एसडीएम को हिदायत दी है कि वह पटवारी हल्का स्तर पर सभी अवैध काॅलोनियों की जांच कराएं, जिससे इन काॅलोनियों में प्लाट बिक्री को रोका जा सके। इस पर एसडीएम ने काम भी शुरू कर दिया है। बैरसिया, हुजूर, कोलार, बैरागढ़, गोविंदपुरा और एमपी नगर क्षेत्र की अवैध काॅलोनियों को चिन्हित किया जा रहा है।इसके साथ ही अवैध काॅलोनी की जानकारी लगने पर कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
छह वर्ष पहले लगी थी नामांतरण पर रोक
छह वर्ष पहले तत्कालीन कलेक्टर डाॅ सुदाम खाडे ने अवैध काॅलोनियों में नामांतरण करने पर रोक लगाई थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने अवैध काॅलोनियों में रजिस्ट्री वाले प्लाट का नामांतरण करने का आदेश दिया। जिसके बाद से नामांतरण शुरू कर दिए गए थे।
रजिस्ट्री पर लगी रोक तो घटेगा राजस्व
राजधानी में अवैध काॅलोनियों में रजिस्ट्री पर रोक लगाने का यह पहला मामला है। ऐसे में शहर के आसपास काटी जा रही चार सौ से अधिक अवैध काॅलोनियों में हो रही प्लाट की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी जाएगी। ऐसा करने से पंजीयन विभाग में रजिस्ट्री की तादाद घटने के साथ ही सरकार के राजस्व में सीधी गिरावट होगी।
इनका कहना है
जिले में अवैध काॅलोनियों पर कार्रवाई करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए गए हैं ।सभी एसडीएम द्वारा अवैध काॅलोनियों को चिह्नित किया जा रहा है।जांच के दौरान अनुमतियां नहीं मिलने पर एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।
कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर